राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है? जिसका 09/12/2023 को आयोजन किया जाएगा

राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है और इसमें किन किन मामलों का निस्तारण किया जाएगा इसके बारे में हम इस पोस्ट में अच्छे से जानेंगे – राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन विवादों का सरलता से समाधान करने के लिए किया जाता है|इसमें दिवानी, फौजदारी , राजस्व से सम्बंधित मामले तथा वैवाहिक विवादों का समाधान सुलह-समझौता के माध्यम से कराया जाएगा,इसका आयोजन 09/12/2023 को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा|

राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है?
राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है?

यह राष्ट्रीय लोक अदालत का इस साल का अन्तिम आयोजन है|जिसमें आप अपने मामले को सरलता से निस्तारित करवा सकते हैं|

राष्ट्रीय लोक अदालत में रिफर किए जाने योग्य मुकदमे :-

  • सभी प्रकार के शमनीय आपराधिक मामले
  • बिजली और जल के बिल से सम्बंधित शमनीय दंड वाद
  • मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद
  • राजस्व वाद
  • चैक बाउंस से सम्बंधित धारा -138 एन.आई. एक्ट एवं बैंक रिकवरी
  • अन्य सिविल वाद

वैवाहिक विवादों का राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान :-

वैवाहिक विवाद पति पत्नी के बीच विभिन्न कारणों से उत्पन्न होते हैं, इनके समाधान के लिए पति या पत्नी के द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में विवाद के बारे में संक्षिप्त में लिखते हुए प्रार्थना पत्र दिया जाता है , इसके बाद विपक्षी को नोटिस भेजकर बुलाया जाता है | पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश और मध्यस्थ अधिवक्ता की पीठ गठित की जाती है जिसके द्वारा दोनों पक्षों की बैठक करवाकर सुलह-समझौते के माध्यम से विवाद का समाधान कराया जाता है |पीठ के द्वारा लोक अदालत में जो निर्णय पारित किया जाता है उसे अन्तिम माना जाता है तथा इसके विरुद्ध अन्य न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती|इससे परिवार में विवाद भी खत्म हो जाएगा और टूटने से भी बच जाएगा |

लोक अदालत में मामलों के निस्तारण के लाभ :-

  • लोक अदालत में निर्णीत मामले की किसी अन्य न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती|
  • लोक अदालत का निर्णय सिविल न्यायालय के निर्णय के समान बाध्यकारी होता है|
  • इसके निर्णय को अन्तिम माना जाएगा|
  • दोनों पक्षों के लोग के समय तथा धन की बचत होती है |
  • पक्षों के बीच सौहार्द बना रहता है|
  • अदा की गई कोर्ट फीस पक्षकारों को वापस कर दी जाती है|

यदि आप किसी मामले को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौता से निस्तारित कराना चाहते हैं तो आप सम्बंधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी या अपने जनपद के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क करके अपने मामले को राष्ट्रीय लोक अदालत में नियत करा सकते हैं |

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